बचपन में बेहतरीन मित्र, नकारात्मक रूझहान और दूसरे अन्य अतिक्रमणकारी कार्य से दूर रखने में सहायक होते हैं। बच्चे के बुद्धि और शारीरिक विकास में बेहतरीन मित्र का त्वरित प्रभाव पड़ता है। एकांत, आत्मविश्वास और आत्मप्रतिष्ठा में कमी कर देती है। बचपन की अनुचित घटनाएं जवानी पर गहरे प्रभाव डालती हैं। मोन्टीरियल के कान्कोरडिया विश्वविद्यालय के मनोवैज्ञानिक विलियम होकोसकाई का कहना है कि जब बच्च अकेला होता है तो उसे कक्षा में गुरू या अपने सहपाठी से बात करने में समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इस एकांत के कारण बच्चे में कोरटीसल हारमोन का स्तर बढ़ जाता है जो आत्मविश्वास और आत्मप्रतिष्ठा की भावना में कमी का कारण बनता है। उनका कहना है कि बचपन की नकारात्मक घटनाओं की मानसिक प्रतिक्रिया हमारे बाद के जीवन पर गहरे प्रभाव डालती है। कोरटीसल की मात्रा का अधिक होना, कई मानसिक जटिलताओं और परिवर्तन का कारण बनता है। इससे न केवल यह कि स्नायु प्रणाली प्रभावित होती है बल्कि हड्डियों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस बढ़ते तनाव के कारण बच्चे का विकास भलिभांति नहीं हो पाता। ........166
19 मार्च 2012 - 20:30
समाचार कोड: 303675
बचपन में बेहतरीन मित्र, रूझहान और दूसरे अन्य अतिक्रमणकारी कार्य से दूर रखने में सहायक होते हैं। बच्चे के बुद्धि और शारीरिक विकास में बेहतरीन मित्र का त्वरित प्रभाव पड़ता है......